← सभी लेख

GST इनवॉइस कैसे बनाएँ: ज़रूरी फ़ील्ड और उदाहरण

Inventory Invoice·31 अक्टूबर 2026·3 मिनट में पढ़ें

English

GST बिल में सिर्फ़ टोटल काफ़ी नहीं होता। टैक्स इनवॉइस में कौन-कौन सी जानकारी ज़रूरी है, CGST/SGST का पूरा उदाहरण, और वे गलतियाँ जिनसे बिल पर सवाल उठते हैं।

Want to try Inventory Invoice? It's free to start.

Try Inventory Invoice free

ग्राहक GST बिल माँगता है। आप आइटम लिखते हैं, टोटल जोड़ते हैं, बिल थमा देते हैं, और एक हफ़्ते बाद उनका अकाउंटेंट कहता है कि इस बिल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल सकता। छोटी दुकानों के साथ यह अक्सर होता है, और लगभग हर बार वजह रकम की गलती नहीं, बल्कि कोई छूटा हुआ फ़ील्ड होती है।

यहाँ पूरी सूची है कि GST टैक्स इनवॉइस में क्या-क्या होना चाहिए, असली आँकड़ों के साथ एक उदाहरण, और वे गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए।

हर GST इनवॉइस में ये फ़ील्ड ज़रूरी हैं

  • आपके बिज़नेस का नाम, पता और GSTIN। 15 अक्षरों का GST नंबर, साफ़ छपा हुआ।
  • यूनिक इनवॉइस नंबर। क्रम से चलने वाला, कभी दोहराया न जाए, जिसमें अक्षर, अंक, हाइफ़न या स्लैश हो सकते हैं (और छोटा हो, सीमा 16 अक्षरों की है)। दो बिलों पर एक ही नंबर आ जाना सबसे आम गलती है।
  • इनवॉइस की तारीख़।
  • ग्राहक का नाम और पता, और अगर वह रजिस्टर्ड बिज़नेस है तो उसका GSTIN भी। इसी GSTIN से वह क्रेडिट ले पाता है, इसलिए बिज़नेस को दिए बिल में यह न हो तो दिक्कत होती है।
  • आपूर्ति का स्थान (Place of Supply), यानी माल जिस राज्य में जा रहा है। इसी से तय होता है कि कौन-सा टैक्स लगेगा।
  • हर आइटम के लिए: विवरण, HSN कोड (सेवाओं के लिए SAC), मात्रा, यूनिट और दाम।
  • टैक्सेबल वैल्यू, टैक्स दर और टैक्स की रकम, जो CGST + SGST या IGST में बँटी हो।
  • इनवॉइस का कुल जोड़, अंकों में (और शब्दों में लिखना भी अच्छी आदत है)।
  • हस्ताक्षर या अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की लाइन।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए पुणे में आपकी हार्डवेयर की दुकान है और आप पुणे के ही एक दूसरे बिज़नेस को ₹1,000 के हिसाब से 10 पाइप फ़िटिंग 18% GST पर बेचते हैं।

  • टैक्सेबल वैल्यू: 10 × ₹1,000 = ₹10,000
  • राज्य एक ही है, इसलिए 18% दो हिस्सों में बँटता है: CGST 9% = ₹900 और SGST 9% = ₹900
  • इनवॉइस का जोड़: ₹10,000 + ₹900 + ₹900 = ₹11,800

अब यही बिक्री हैदराबाद के ग्राहक को हो। राज्य अलग है, इसलिए एक ही टैक्स लगेगा:

  • टैक्सेबल वैल्यू: ₹10,000
  • IGST 18% = ₹1,800
  • इनवॉइस का जोड़: ₹11,800

जोड़ दोनों में एक ही है। बदलता यह है कि बिल पर कौन-सी टैक्स लाइनें दिखती हैं। इसे कैसे चुनें, यह CGST, SGST या IGST: कौन-सा टैक्स लगाएँ में समझाया है।

पाँच गलतियाँ जिनसे बिल पर सवाल उठते हैं

  1. बिज़नेस को बेचे गए माल पर ग्राहक का GSTIN न होना, जिससे वह क्रेडिट नहीं ले पाता।
  2. टैक्स गलत बँटना, जैसे दूसरे राज्य में बिक्री पर CGST + SGST लगा देना।
  3. इनवॉइस नंबर दोहराना या छोड़ देना, जिससे लगता है कि कोई बिक्री गायब है या दो बार हो गई।
  4. HSN कोड न लिखना, या हर चीज़ के लिए एक ही कोड डाल देना।
  5. जोड़ का मेल न खाना, क्योंकि टैक्स गलत आधार पर निकाला गया या हाथ से राउंड किया गया।

कुछ आम सवाल

क्या मैं GST बिल Excel या Word में बना सकता हूँ? हाँ, और बहुत सी दुकानें बनाती भी हैं। जोखिम यह है कि हिसाब और नंबरिंग हाथ से होती है, और बिक्री बढ़ने पर गलतियाँ वहीं से आती हैं।

क्या बिल प्रिंट करना ज़रूरी है? नहीं। ज़रूरी फ़ील्ड मौजूद हों तो WhatsApp पर भेजा गया PDF भी वैध इनवॉइस है।

कौन-सा टैक्स लगाऊँ? अपने राज्य की तुलना आपूर्ति के स्थान से करें: राज्य एक है तो CGST + SGST, अलग है तो IGST।

नियम और सीमाएँ बदलती रहती हैं, इसलिए अपने बिज़नेस के लिए बातें अपने CA से ज़रूर पक्की कर लें।

हिसाब सॉफ़्टवेयर पर छोड़ दीजिए

फ़ील्ड गिनाना आसान है, पर शाम 7 बजे काउंटर पर भीड़ हो तो इन्हें सही भरना मुश्किल होता है। ReplyDost Invoice आपके राज्य और ग्राहक के आपूर्ति स्थान से टैक्स का बँटवारा खुद भर देता है, इनवॉइस को क्रम से नंबर देता है, और PDF को WhatsApp पर ग्राहक को भेज देता है।

invoice.replydost.in पर मुफ़्त शुरू करें → — हर महीने 5 सेल्स इनवॉइस और 5 परचेज़ बिल, कार्ड की ज़रूरत नहीं।

Make your first GST bill free

Sign in with Google and start billing in minutes. No setup call needed, and your first 5 sales invoices and 5 purchase bills each month are free.